
Telegram, Telegram FZ-LLC का मैसेजिंग ऐप है, जिसका ज़ोर रफ़्तार और सिंक पर है। आपकी आम चैट Telegram के क्लाउड में रहती हैं, इसलिए वही बातचीत फ़ोन, टैबलेट और कंप्यूटर पर एक जैसी दिखती है। डेस्कटॉप और वेब ऐप अपने दम पर चलते हैं, फ़ोन का ऑनलाइन रहना ज़रूरी नहीं।
Android पर ऐप मुफ़्त है और Google Play पर इसके 100 करोड़ से ज़्यादा इंस्टॉल हैं। करीब 1.7 करोड़ रेटिंग में औसत 4.1 है और ऐप 12+ रेटेड है। एक ही ऐप में निजी चैट, ग्रुप, पब्लिक चैनल, बॉट और फ़ाइल भेजना, सब शामिल है। ये सब अलग तरह से काम करते हैं, और यह फ़र्क समझ लेने पर रोज़ का इस्तेमाल काफ़ी आसान हो जाता है।
25 सितंबर का बिल्ड, जो डिवाइस के हिसाब से बदलता है
- अपडेट: 25 सितंबर 2026
- संस्करण: डिवाइस के अनुसार
- Android ज़रूरी: डिवाइस के अनुसार
- डेवलपर: Telegram FZ-LLC
- डाउनलोड: 1,000,000,000+
Google Play डेटा, 27 सितंबर 2026 तक
हाल का अपडेट संक्षेप में
अपडेट की तारीख 25 सितंबर 2026 है और इसके नोट्स खाली हैं।
क्लाउड चैट और सीक्रेट चैट एक चीज़ नहीं
आम Telegram चैट कंपनी के सर्वर पर रखी जाती है और हर उस डिवाइस पर सिंक होती है जहाँ आप लॉग इन हैं। इसी वजह से फ़ोन बदलते ही पूरी हिस्ट्री सामने आ जाती है, बैकअप फ़ाइल रीस्टोर करने का झंझट नहीं। ये चैट एन्क्रिप्टेड होती हैं, लेकिन डिफ़ॉल्ट रूप से एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड नहीं, क्योंकि सिंक के लिए क्लाउड वाली कॉपी ज़रूरी है।
सीक्रेट चैट अलग ढंग से चलती है। इसमें एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन होता है, यह सिर्फ़ उन्हीं दो डिवाइस पर रहती है और आपके दूसरे सेशन में नहीं दिखती। सेल्फ़-डिस्ट्रक्ट टाइमर लगाकर मैसेज, फ़ोटो, वीडियो और फ़ाइलें पढ़े जाने के बाद दोनों तरफ़ से गायब की जा सकती हैं। ऐसी बातचीत चाहिए जिसे सिर्फ़ सामने वाला पढ़ सके, तो कॉन्टैक्ट की प्रोफ़ाइल से सीक्रेट चैट शुरू करें।
Telegram में अपना भेजा या पाया हुआ कोई भी मैसेज दोनों तरफ़ से कभी भी डिलीट किया जा सकता है, आम चैट में भी। फिर भी याद रखें कि सामने वाला हटाने से पहले उसे पढ़ चुका हो या स्क्रीनशॉट ले चुका हो, ऐसा हो सकता है।
ग्रुप, चैनल और बॉट में क्या अंतर है
ग्रुप में हर मेंबर लिख सकता है, और एक ग्रुप में 2 लाख तक लोग रह सकते हैं। एडमिन के पास मेंबर परमिशन, स्लो मोड, पिन मैसेज और मॉडरेशन के टूल हैं। दोस्तों के छोटे ग्रुप में ज़्यादातर सेटिंग जैसी हैं वैसी छोड़ी जा सकती हैं। बड़े पब्लिक ग्रुप को नियम और कुछ भरोसेमंद एडमिन चाहिए।
चैनल एकतरफ़ा प्रसारण है। मालिक और चुने हुए एडमिन पोस्ट करते हैं, सब्सक्राइबर पढ़ते हैं, रिएक्ट करते हैं और, अगर मालिक ने चालू किया हो, जुड़े हुए डिस्कशन ग्रुप में कमेंट करते हैं। न्यूज़, क्रिएटर और ब्रांड इसका खूब इस्तेमाल करते हैं। कोई चैनल बहुत शोर करने लगे, तो छोड़ने के बजाय उसे म्यूट या आर्काइव कर दें।
बॉट छोटे प्रोग्राम हैं जो चैट के अंदर चलते हैं। रिमाइंडर, पोल, फ़ाइल कन्वर्ज़न और कस्टमर सपोर्ट जैसे कामों में लोग इन्हें इस्तेमाल करते हैं। मुफ़्त API की वजह से कोई भी बॉट बना सकता है, इसलिए कॉन्टैक्ट, लोकेशन या पेमेंट की जानकारी देने से पहले देख लें कि बॉट क्या माँग रहा है।
स्टोरेज, Premium और अकाउंट पर नियंत्रण
हर तरह की फ़ाइल 2 GB तक भेजी जा सकती है, और चैट हिस्ट्री फ़ोन की जगह नहीं घेरती। पर जो मीडिया आप खोलते हैं, वह फ़ोन में कैश होता है, और व्यस्त चैनल फ़ॉलो करने पर यह कैश तेज़ी से बढ़ता है। सेटिंग में डेटा और स्टोरेज वाले हिस्से से इस्तेमाल देखें, कैश साफ़ करें और तय करें कि डाउनलोड हुआ मीडिया कितने दिन रहे।
Telegram के मुख्य फ़ीचर मुफ़्त हैं। अतिरिक्त सुविधाओं के लिए वैकल्पिक Telegram Premium है, और Google Play पर इन-ऐप खरीदारी ₹29.99 से ₹28,700 प्रति आइटम तक दर्ज है। सुरक्षा के लिए दो-स्टेप वेरिफ़िकेशन चालू करें, ताकि सिर्फ़ लॉग इन कोड से कोई अंदर न आ सके। समय-समय पर एक्टिव सेशन देखें और जो डिवाइस अब इस्तेमाल नहीं होता, उसे हटा दें।
चैट लिस्ट, चैनल और सेटिंग की झलक



विज्ञापन, एन्क्रिप्शन और फ़ोन के बिना डेस्कटॉप
क्या Telegram मेरे डेटा के आधार पर विज्ञापन दिखाता है?
Telegram का कहना है कि वह विज्ञापन दिखाने के लिए आपके डेटा का इस्तेमाल नहीं करता। ऐप और उसके मुख्य फ़ीचर मुफ़्त हैं, Premium वैकल्पिक है।
क्या Telegram की सारी चैट एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड हैं?
नहीं। सिर्फ़ सीक्रेट चैट में एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन है। आम क्लाउड चैट एन्क्रिप्टेड तो हैं, पर सिंक के लिए Telegram के सर्वर पर रहती हैं।
क्या फ़ोन पास न हो तब भी कंप्यूटर पर Telegram चलेगा?
हाँ। एक बार लॉग इन करने के बाद डेस्कटॉप और वेब ऐप अलग से चलते हैं। फ़ोन का ऑनलाइन या कनेक्टेड रहना ज़रूरी नहीं।

[…] Telegram की तरह WhatsApp आम चैट अपने क्लाउड में नहीं रखता। Android पर बैकअप आपके Google अकाउंट में जाता है। कितनी बार बैकअप हो और वीडियो शामिल हों या नहीं, यह आप चुनते हैं। फ़ोन या नंबर बदलते समय नया अकाउंट बनाने के बजाय ऐप के अंदर मौजूद ट्रांसफ़र और नंबर बदलने वाले विकल्प इस्तेमाल करें। […]