
X वही ऐप है जिसे पहले Twitter कहा जाता था। नाम की बात करें तो भारत के Play Store पर यह ‘X (पूर्व में Twitter)’ दिखता है, डेवलपर X Corp. है और इसके 100 करोड़ से ज़्यादा इंस्टॉल हैं। 25 सितंबर 2026 को आया वर्ज़न 12.28.0 है, जिसके लिए Android 9 या नया चाहिए। लाइव पोस्ट, ब्रेकिंग न्यूज़, लाइव वीडियो, ऑडियो Spaces, कम्युनिटी और डायरेक्ट मैसेज, सब इसी में हैं।
हाल के वर्ज़न में सबसे बड़ा बदलाव Grok पर बढ़ता भरोसा है, जो X के रियल-टाइम डेटा पर बना AI असिस्टेंट है। इसके अलावा यह समझना ज़रूरी है कि X Premium मुफ़्त अकाउंट से ज़्यादा क्या देता है और अपडेट के बाद कौन-सी सेटिंग्स दोबारा देखनी चाहिए। ध्यान दें, भारत के Play Store पर ऐप 18+ रेटेड है।
वर्ज़न 12.28.0 और Android 9 की शर्त
- अपडेट: 25 सितंबर 2026
- संस्करण: 12.29.1-prod.01
- Android ज़रूरी: 9+
- डेवलपर: X Corp.
- डाउनलोड: 1,000,000,000+
Google Play डेटा, 27 सितंबर 2026 तक
अपडेट 12.29.1-prod.01 की खास बातें
25 सितंबर 2026 को जारी हुआ; डेवलपर ने बदलावों का ब्योरा नहीं दिया।
Grok और पोस्ट पढ़ने का नया तरीका
Play लिस्टिंग के अनुसार Grok पोस्ट समझा सकता है, ट्रेंडिंग खबरों का सार दे सकता है, वीडियो के बारे में बता सकता है और जो पढ़ रहे हैं उसका संदर्भ जोड़ सकता है। किसी विषय की झटपट पृष्ठभूमि के लिए यह ठीक है। पर हर AI टूल की तरह यह भी गलत हो सकता है, इसलिए अहम दावे शेयर करने से पहले असली स्रोत से मिला लें।
सर्च और ट्रेंड्स पहले की तरह चलते हैं। For You और Following टाइमलाइन में से चुन सकते हैं: एक एल्गोरिदम वाली फ़ीड, दूसरी सिर्फ़ उन अकाउंट्स की पोस्ट जिन्हें आप फ़ॉलो करते हैं। शांत अनुभव चाहिए, तो Following टाइमलाइन पर टिके रहना सबसे आसान रास्ता है। कम्युनिटी नोट्स भी पोस्ट के साथ अतिरिक्त संदर्भ जोड़ते हैं।
लंबे वीडियो, Spaces और कम्युनिटी
X पर अब 3 घंटे तक के वीडियो अपलोड किए और देखे जा सकते हैं, चाहे न्यूज़ क्लिप हो, मैच की हाइलाइट हो या पॉडकास्ट। लाइव वीडियो स्ट्रीम कर सकते हैं या Space होस्ट कर सकते हैं, जो चर्चा और इंटरव्यू के लिए ऑडियो फ़ीचर है। निबंध या ब्लॉग जैसी लंबी पोस्ट भी लिखी जा सकती हैं। कम्युनिटी में खेल, म्यूज़िक या टेक्नोलॉजी जैसे विषयों पर लोग जुटते हैं, और उनकी फ़ीड मुख्य टाइमलाइन से अलग रहती है।
लंबे वीडियो और लाइव स्ट्रीम सबसे ज़्यादा मोबाइल डेटा लेते हैं। X की सेटिंग में डेटा यूसेज वाले विकल्पों से मोबाइल नेटवर्क पर वीडियो क्वालिटी और ऑटोप्ले सीमित करें, खासकर अगर डेली डेटा लिमिट वाला प्लान है। निजी बातचीत के लिए डायरेक्ट मैसेज वैसे ही उपलब्ध हैं।
मुफ़्त अकाउंट बनाम X Premium
मुफ़्त ऐप में पढ़ना, पोस्ट करना, जवाब देना, फ़ॉलो करना, कम्युनिटी में जुड़ना और मैसेज भेजना, सब होता है। X Premium पेड सब्सक्रिप्शन है। लिस्टिंग के मुताबिक इसमें नीला चेकमार्क, ज़्यादा पहुँच, जवाबों में प्राथमिकता, कम विज्ञापन, लंबे वीडियो और पोस्ट एडिट करने की सुविधा मिलती है। पेड सब्सक्राइबर्स के लिए खास कंटेंट बनाकर और जवाबों से आने वाली विज्ञापन आय से कमाई का रास्ता भी खुलता है।
भारत के Play Store पर इन-ऐप खरीदारी ₹85 से ₹60,000 प्रति आइटम तक दिखती है। असली कीमत प्लान पर निर्भर है और कन्फ़र्म करने से पहले ऐप में दिखती है। Google Play से सब्सक्राइब किया हो, तो Play Store के सब्सक्रिप्शन सेक्शन से ही मैनेज या कैंसल करें, रिन्यूअल की तारीख भी वहीं दिखती है।
प्राइवेसी, नोटिफ़िकेशन और आम दिक्कतें
बड़े अपडेट के बाद ‘सेटिंग्स और प्राइवेसी’ खोलें। देखें कि कौन आपको जवाब दे सकता है, कौन मैसेज भेज सकता है और आपका डेटा पर्सनलाइज़ेशन में कैसे इस्तेमाल होता है। पोस्ट को प्रोटेक्ट करने पर उन्हें सिर्फ़ मंज़ूर किए गए फ़ॉलोअर्स देखते हैं। कुछ शब्दों या अकाउंट्स को म्यूट करना टाइमलाइन से अनचाहे विषय हटाने का तेज़ तरीका है।
टाइमलाइन रिफ़्रेश न हो या वीडियो अटकने लगें, खासकर अपडेट के बाद, तो Android ऐप सेटिंग से फ़ोर्स स्टॉप करें, कैश साफ़ करें और कनेक्शन जाँचें। नोटिफ़िकेशन न आने की वजह अक्सर फ़ोन का बैटरी ऑप्टिमाइज़ेशन होता है, ऐप नहीं। Android 9 से पुराने फ़ोन को नए वर्ज़न नहीं मिलेंगे।
टाइमलाइन, Spaces और Grok की झलक



Twitter से X, Premium और पुराने फ़ोन
क्या X और Twitter एक ही ऐप है?
हाँ। X, Twitter का नया नाम है और Google Play पर पैकेज भी वही है, इसलिए पुराना Twitter सामान्य अपडेट से ही X बन गया।
X Premium में क्या-क्या मिलता है?
पोस्ट एडिट करना, कम विज्ञापन, लंबे वीडियो और नीला चेकमार्क जैसी चीज़ें। यह वैकल्पिक पेड सब्सक्रिप्शन है, ऐप खुद मुफ़्त है।
Android 9 से पुराने फ़ोन पर X का क्या होगा?
मौजूदा Play लिस्टिंग को Android 9 या नया चाहिए। पुराने फ़ोन किसी पिछले बिल्ड पर रुक सकते हैं, जिसमें नए फ़ीचर नहीं होंगे।
