
बहुत से Android फ़ोन में Google Chrome ही डिफ़ॉल्ट ब्राउज़र होता है, और Google Play पर इसके 1000 करोड़ से ज़्यादा इंस्टॉल दर्ज हैं। करीब 4.9 करोड़ रेटिंग में इसका औसत 4.1 से ऊपर है। वर्ज़न नंबर डिवाइस के हिसाब से बदलता है, इसलिए ज़्यादातर लोगों को पता ही नहीं चलता कि नया बिल्ड कब आया।
23 सितंबर 2026 के अपडेट नोट्स कहते हैं कि इस वर्ज़न में हैंग और क्रैश होने जैसी गड़बड़ियाँ ठीक हुई हैं और परफ़ॉर्मेंस सुधरी है। इस छोटे-से नोट के पीछे Chrome को ताज़ा रखने की सबसे बड़ी वजह छिपी है: सुरक्षा सुधार। इसके अलावा Chrome, Google Lens, Google Translate और Google Password Manager से जुड़ा है। कुछ सेटिंग और आदतें इन टूल को काम का बनाए रखती हैं।
स्थिरता सुधार वाला ताज़ा ब्राउज़र बिल्ड
- अपडेट: 23 सितंबर 2026
- संस्करण: डिवाइस के अनुसार
- Android ज़रूरी: डिवाइस के अनुसार
- डेवलपर: Google LLC
- डाउनलोड: 10,000,000,000+
Google Play डेटा, 27 सितंबर 2026 तक
Google Chrome में हाल के बदलाव
अपडेट 23 सितंबर 2026 को आया। डेवलपर ने बिना विवरण के सिर्फ़ बग सुधार और बेहतरी की बात कही है।
रूटीन अपडेट को हल्के में न लें
फ़ोन का ब्राउज़र ही वह हिस्सा है जो सबसे ज़्यादा अनजान वेबसाइटों से बात करता है, इसलिए इसमें लगातार सुधार आते हैं। स्थिरता और परफ़ॉर्मेंस वाले अपडेट में अक्सर ऐसे पैच होते हैं जिनका विस्तार से ज़िक्र नहीं होता। Google Play में ऑटो-अपडेट चालू रखना सुरक्षित रहने का सबसे आसान तरीका है।
Chrome अपडेट के बाद बार-बार बंद हो या पेज न खुलें, तो पहला कदम है फ़ोन रीस्टार्ट करना। फिर भी दिक्कत रहे, तो Android सेटिंग से ऐप का कैश साफ़ करें। इससे बुकमार्क और सेव पासवर्ड नहीं हटते। स्टोरेज साफ़ करना बड़ा कदम है और आपको साइन आउट कर देता है, इसलिए ऐसा डेटा सिंक होने के बाद ही करें।
कभी-कभी Play Store का ऑटो-अपडेट किसी वजह से अटक जाता है, जैसे फ़ोन की जगह कम होने पर। ऐसे में Play Store में Chrome का पेज खोलें और देखें कि अपडेट का बटन दिख रहा है या नहीं। फ़ोन में कुछ जगह खाली करके अपडेट दोबारा चलाना आम तौर पर काफ़ी होता है।
सुरक्षा की कौन-सी सेटिंग देखें
Chrome में Enhanced Protection मोड है, जिसे लिस्टिंग इसका सबसे ऊँचा सुरक्षा स्तर बताती है। यह सेटिंग में प्राइवेसी और सुरक्षा वाले हिस्से में, Safe Browsing के अंदर, स्टैंडर्ड सुरक्षा के साथ मिलता है। ध्यान रखें कि खतरे पकड़ने के लिए यह मोड Google के साथ ब्राउज़िंग की ज़्यादा जानकारी साझा करता है। जो स्तर आपको सही लगे, वही चुनें।
Safety Check एक झटपट जाँच करता है और बताता है कि Chrome अपडेट है या नहीं, और कोई सेव पासवर्ड लीक तो नहीं हुआ। Google Password Manager मज़बूत पासवर्ड बना सकता है और खतरे में पड़े पासवर्ड पर चेतावनी देता है। हर कुछ हफ़्ते में Safety Check चलाना कुछ सेकंड का काम है।
Incognito टैब आपकी ब्राउज़िंग को फ़ोन की हिस्ट्री में दर्ज नहीं होने देते, पर वेबसाइट, दफ़्तर या इंटरनेट कंपनी से आपको छिपाते नहीं। घर के साझा फ़ोन पर कुछ जल्दी देखना हो या दूसरे अकाउंट से लॉग इन करना हो, तब ये ठीक हैं। पुरानी हिस्ट्री हटानी हो, तो ब्राउज़िंग डेटा साफ़ करने वाले विकल्प में समय सीमा चुनें और हिस्ट्री, कुकीज़ या कैश फ़ाइलें अलग-अलग चुनें।
सिंक, टैब और Google के टूल
साइन इन करने पर बुकमार्क, खुले टैब और पासवर्ड फ़ोन, कंप्यूटर और टैबलेट के बीच सिंक होते हैं। टैब ग्रुप मिलते-जुलते पेज एक साथ रखते हैं, और लिस्टिंग के अनुसार ये हर डिवाइस पर वैसे ही व्यवस्थित रहते हैं। दर्जनों टैब खुले रखने की आदत है, तो उन्हें ग्रुप करें या बंद करें। पुराने फ़ोन पर इससे ब्राउज़र तेज़ चलता है।
Chrome में कैमरे से दिख रही चीज़ खोजने के लिए Google Lens, बोलकर खोजने के लिए वॉइस सर्च और Google Translate जुड़ा है, जो 130 से ज़्यादा भाषाओं में पूरी वेबसाइट एक बार में अनुवाद कर देता है। अंग्रेज़ी का कोई पेज हिंदी में पढ़ना हो, तो यह काफ़ी काम आता है। Autofill सेव पते और पेमेंट की जानकारी भर देता है। Google के अनुसार फ़ीचर की उपलब्धता देश और भाषा पर निर्भर है।
नया टैब पेज, टैब ग्रिड और मेन्यू



अपडेट, Enhanced Protection और कैश पर सवाल
क्या Chrome का हर अपडेट तुरंत इंस्टॉल करना चाहिए?
हाँ। Google Play नोट्स में स्थिरता और परफ़ॉर्मेंस सुधार लिखे हैं, और ऐसे ब्राउज़र अपडेट में अक्सर सुरक्षा सुधार भी होते हैं। इन्हें टालने का कोई फ़ायदा नहीं।
Android पर Chrome में Enhanced Protection कैसे चालू करें?
Chrome की सेटिंग खोलें, प्राइवेसी और सुरक्षा में जाएँ, Safe Browsing पर टैप करें और Enhanced Protection चुनें। स्टैंडर्ड सुरक्षा पर कभी भी लौटा जा सकता है।
Chrome का कैश साफ़ करने से बुकमार्क मिट जाएँगे?
नहीं। कैश में बस अस्थायी फ़ाइलें होती हैं, और हटती भी वही हैं। बुकमार्क और पासवर्ड बने रहते हैं, और सिंक चालू हो तो आपके Google अकाउंट में भी सेव रहते हैं।

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